बिहार की प्रमुख नदियाँ – Major Rivers of Bihar

Major Rivers of Bihar: आज के इस पोस्ट में हमलोग बिहार की प्रमुख नदियाँ पर विस्तार से चर्चा करेंगे| अक्सर प्रतियोगी परीक्षा में नदियों के बारे में कोई न कोई सवाल पूछा ही जाता है, इसीलिए आज का यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है|

जैसे कि हम सब जानते है प्राचीन समय में भी लोग नदियों के निटक ही रहते थे और विश्व के लगभग सभी सभ्यता का विकास भी किसी न किसी नदी के किनारे ही हुआ है| भारत के साथ-साथ पुरे विश्व में नदी का स्थान प्रमुख माना गया है| वैसे तो बिहार में बहुत सारी नदिया है लेकिन बिहार मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदी के उपजों मैंदान में फैला हुआ है| आइये जानते है बिहार की प्रमुख नदियों के बारे में विस्तार से-

बिहार की प्रमुख नदियाँ (Major Rivers of Bihar)

  1. गंगा नदी
  • कुल लम्बाई – 2525km
  • बिहार में लम्बाई – 445km
  • उद्गम स्थल – गंगोत्री हिमनद का गोमुख(उत्तराखंड)
  • मुहाना – बंगाल की खारी

भारत देश में गंगा नदी को बहुत ही पवित्र माना जाता है, यह पवित्र नदी उतराखंड राज्य के गोमुख के निकट स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है| गंगा नदी बिहार में प्रवेश बक्सर जिले के चौसा क्षेत्र से करती है और इस नदी का विस्तार बिहार में लगभग 445 किलोमीटर है| बिहार की राजधानी पटना भी गंगा नदी के किनारे ही बसा हुआ है|

घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, सोनपुर, पुनपुन, महानंदा और और कर्मनाशा आदि ये सभी नदी बिहार में गंगा नदी की सहायक नदी है| बिहार में गंगा नदी की ढाल बहुत ही कम होने के कारन बिहार में वर्षात के दिनों में बार की समस्या बहुत होती है|

2. गंडक नदी

  • कुल लम्बाई – 630 KM
  • बिहार में लम्बाई – 260 KM
  • उद्गम स्थल – अन्नपूर्णा श्रेणी के मानांगमोट और कुतांग के मध्य से
  • संगम – गंगा नदी(हाजीपुर)

उत्तर पश्चिम बिहार में स्थित इस नदी को काली गंडक, शालिग्रमी, सदानीरा तथा नारायणी आदि नामों से भी जाना जाता है| यह नदी नेपाल देश के अन्नपुर्णा श्रेणी के कुतांग और मानांगमोट के मध्य से निकलती है| वैसे तो इस नदी की लम्बाई 630 किलोमीटर है लेकिन बिहार में इस नदी का विस्तार लगभग 260 किलोमीटर है|

यह नदी नेपाल से बिहार में पश्चिमी चंपारण जिले के बाल्मीकि नगर होते हुए प्रवेश करती है और चंपारण, सारण तथा मुजफ्फरपुर के रास्ते हाजीपुर के निकट गंगा में मिल जाती है| पहले यह नदी भी बिहार में बाढ़ लेन वाली नदियों की श्रेणी में था परन्तु बाल्मीकि नगर बांध बनाकर इस समस्या से छुटकारा पा लिया गया

3. घाघरा नदी

  • कुल लम्बाई – 1080km
  • बिहार में लम्बाई- 83km
  • उद्गम स्थल – मानसरोवर के समीप से (तिब्बत)
  • संगम- गंगा नदी(चपड़ा के पास)

बिहार के उत्तरी क्षेत्र में बहने वाली यह नदी बिहार की प्रमुख नदियों में एक है| यह नदी तिब्बत में स्थित मानसरोवर के समीप से निकलकर नेपाल के रास्ते होते हुए भारत में प्रवेश करती है| नेपाल तथा तिब्बत में इस नदी को कर्णाली के नाम से जाना जाता है वही बिहार में घाघरा तथा उत्तर प्रदेश में सरयू के नाम से प्रचलित है|

वैसे तो इस नदी की लम्बाई 1080 किलोमीटर है परन्तु बिहार में इस नदी का विस्तार मात्र 83 किलोमीटर ही है| यह नदी बिहार एवं उत्तर प्रदेश सीमा का बटवारा करती है और सारण जिले में छपरा के समीप गंगा में विलीन हो जाती है|

अगर इस नदी की सहायक नदी कि बात करे तो राप्ती इस नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है|

4. बूढी गंडक नदी

  • कुल लम्बाई- 320km
  • बिहार में लम्बाई- 320km
  • उद्गम स्थल- सोमेश्र्वर श्रेणी के विशंभरपुर के पास
  • संगम- गंगा नदी(मुंगेर)
  • सहायक नदियाँ- बालोर, सिकटा, तिऊर, तिलावे, मसान, कोहरा आदि हैं|

बूढी गंडक नदी बिहार राज्य के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित सोमेश्वर श्रेणी के विशंभरपुर के समीप से निकलता है| इस नदी का विस्तार सिर्फ बिहार में ही है, क्युकि बिहार से निकलकर बिहार में भी गंगा नदी में विलीन हो जाती है|

यह नहीं बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से निकलकर पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगुसराय होते हुए खगड़िया के समीप गंगा नदी से मिल जाती है|

5. बागमती नदी

  • कुल लम्बाई- 597km
  • बिहार में लम्बाई- 394km
  • उद्गम स्थल-महाभारत श्रेणी(नेपाल)
  • संगम- लालबकेया नदी(देवापुर)
  • सहायक नदियाँ- चकनाहा नदी, जमुने नदी, सिपरिधार नदी, छोटी मगमती, विष्णुमति नदी, लखदेई नदी आदि हैं|
  • बागमती नदी बूढी गंडक की प्रमुख सहायक नदी हैं, जो दरभंगा, मुजफ्फुरपुर और मधुबनी जिले से होकर गुजरती हैं|

6. कोसी नदी

  • कुल लम्बाई- 720km
  • बिहार में लम्बाई- 260km
  • उद्गम स्थल- गोसाई स्थान, सप्तकौशिकी(नेपाल)
  • संगम- गंगा नदी( कुर्सेला के पास)

कोसी नदी, जिसे बिहार के शोक नदी के नाम से भी जाना जाता है, नेपाल और तिब्बत की सीमा में स्थित गोसाई स्थान नामक चोटी से निकलती है| ऋग्वेद में बी इस नदी का वर्णन मिलता है| ऋग्वेद में यां नदी कौशिकी नाम से वर्णित है| यह नदी 6 नदियो के धाराओं से बना है इसीलिए नेपाल में यह नदी सप्तकोशी के नाम से व्ख्यात है|

वैसे तो इस नदी की कुल संबि 720 इलोमेतरे है परन्तु बिहार में इस नदी का विस्तार लगभग 260 किलोमीटर के आस-पास है| अरुण, तामुर, सुनकोसी, दूधकोशी, तमाकोशी, इंद्रावती तथा लिखुखोला कोसी नदी की सहायक नदियाँ है|

7. महानंदा नदी

  • कुल लम्बाई- 360km
  • बिहार में कुल लम्बाई- 376km
  • उद्गम स्थल- महाभारत श्रेणी(नेपाल)
  • संगम- गंगा नदी( मनिहारी, कटिहार के पास)

8. कमला नदी

  • कुल लम्बाई- 328km
  • बिहार में कुल लम्बाई- 120km
  • उद्गम स्थल- महाभारत श्रेणी(नेपाल)

9. सोन नदी

  • कुल लम्बाई- 780km
  • बिहार में कुल लम्बाई- 202km
  • उद्गम स्थल- अमरकंटक (मध्य प्रदेश)
  • संगम- गंगा नदी(दानापुर एवं मनेर के बीच)

भारत के मध्य भाग में बहने वाली यह नदी सोनभद्र शिला के नाम से भी जाना जाता है| यह नदी मध्यप्रदेश राज्य के अनुपपुर जिले में स्थित अमरकंटक के पास से निकलती है, जिसका विस्तार हमे दक्षिणी बिहार में भी देखने को मिलता है| वैसे तो इस नदी की कुल लम्बाई 780 किलोमीटर है पपरन्तु बिहार में इसका विस्तार लगभग 202 किलोमीटर के आसपास है| और अंत में यह नदी बिहार की राजधानी पटना के समीप गंगा नदी में विलीन हो जाती है|

10. फल्गु नदी

  • नदी की कुल लम्बाई- 235km
  • बिहार में कुल लम्बाई-
  • उद्गम स्थल- उत्तरी छोटानागपुर पठार(हजारीबाग)
  • संगम- गंगा नदी( ताल क्षेत्र)

11. पुनपुन नदी

  • नदी की कुल लम्बाई- 200km
  • बिहार में नदी की कुल लम्बाई- 200km
  • उद्गम स्थल- छोटानागपुर पठार(पलामू)
  • संगम- गंगा नदी( फतुहा के पास)

12. अजय नदी

  • नदी की कुल लम्बाई- 288km
  • उद्गम स्थल-  
  • संगम- गंगा(पश्चिम बंगाल)

आज के इस पोस्ट के में हमलोगों से बिहार की प्रमुख नदियाँ (Major Rivers of Bihar) पर विस्तार से चर्चा किया| उमीद है कि इस पोस्ट में शेयर कि गयी जानकरी आपको अवश्य पसंद आई होगी| अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो बिहार का भूगोल PDF आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो सकता है|

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